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Shaatir Khooni by Ashwin Kumar

by Pankaj Singh  |  in Shaatir Khooni at  12:00:00
Shaatir Khooni

शराफ़त के मुखौटे मे छिपा एक रहस्यमयी और बेहद ख़तरनाक हस्ती, जिसके चेहरे पर से मुखौटे उतरने पर आपके रोंगटे खड़े हो जाएगे. क्या खूने अपने मक़सद मी कामयाब हो पाएगा? क्या उसके बुरे हुए हाल मे सब उलझ कर रह जाएँगे..?

Mere Bachche Mera Ghar by Ved Prakash Sharma

by Pankaj Singh  |  in Ved Prakash Sharma at  13:34:00
Mere Bachche Mera Ghar

विजय क सामने अपने पिता यानि ठाकुर निर्भयसिंघ का ऐसा रूप आया जिसके सामने आने पर विजय की रगो मे दौड़ता खून मनो जम गया । वह सोच भी नहीं सकता था कि ठाकुर साहब अपने स्वार्थ क लिए मासूम लोगो का कत्ल तक कर सकते है ।



Chakravyuh by Ved Prakash Sharma

by Pankaj Singh  |  in Ved Prakash Sharma at  14:00:00


चक्रव्यूह, वेद प्रकाश शर्मा... ‘चक्रव्यूह’ उपन्यास नहीं बल्कि आपके लिए सचमुच का ‘चक्रव्यूह’ है। आप इस ‘चक्रव्यूह’ को तोड़ नहीं पाएंगे अर्थात् रहस्य खुलने से पहले मुजरिम का नाम नहीं जान पाएंगे आप। कृपया इस उपन्यास के ‘अंत’ के बारे में किसी को कुछ न बताएं।

Babusa Aur Somath by Anil Mohan

by Pankaj Singh  |  in Babusa aur Somath at  09:00:00


धरा का बबूसा से कहना था कि हकीकत में देवराज चौहान रानी ताशा का दीवाना नहीं है! वो कभी भी उसका दीवाना ना होता! उसके लिए ऐसा करना इसलिए जरुरी हो गया था कि उसे हर हाल में सुदूर ग्रह पर पहुंचना था और यह तभी हो सकता था जब देवराज चौहान और ताशा के संबंध मधुर रहें, परंतु अब सदूर की जमीन पर पांव रखते ही उसकी ताकतें देवराज चौहान के सिर से हट जाएगी और देवराज चौहान रानी ताशा का हाथ छोड़ कर नगीना का हाथ थाम लेगा!

Apne Katla ki Supari by Ved Prakash Sharma

by Pankaj Singh  |  in Ved Prakash Sharma at  14:04:00


वो हालात की भंवर मे फँसा एक मासूम इंसान था. जिसे जिंदगी की चाहत से ज़्यादा अपनो की फ़िक्र थी और जब अपनो पर आने वाली मुसीबत की उसने कल्पना की तो उसे उन्हे बचाने की सिर्फ़ एक ही राह नज़र आई और उसने दे दी .... अपने कत्ल की सुपारी

Aansoo by Rajvansh

by Pankaj Singh  |  in Rajvansh at  13:52:00


आंसू...युवा ह्रदय रोमांटिक उपन्यासकार राजवंश युवा दिलों की धड़कन हैं । सामाजिक विषयों का ताना बाना बुनते हुए उसे रोमांटिक मोड़ देना प्रख्यात उपन्यासकार राजवंश की विशेषता है। इनका लिखा कोई भी उपन्यास आप आंख बंद करके खरीद सकते हैं। अपनी अनूठी कहानियों और भावनाओं को इतने मनमोहक अंदाज में इन्होंने प्रस्तुत किया है, जिसे देखते हुए हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि राजवंश के उपन्यास का कोई मेल नहीं। सभी कहानियां ऐसी हैं कि बार-बार पढ़ने के बाद भी मन नहीं भरता। यही कारण है कि उनके उपन्यास की जबरदस्त मांग रहती है। राजवंश के प्रत्येक उपन्यास की लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं। अतः हम इस एक उपन्यास के बारे में अपनी कोई राय नहीं देंगे। यह अधिकार आपको है। हां! हम यह जरूर कह सकते हैं कि एक बार यदि आपने इन्हें पढ़ना शुरू किया तो बीच में नहीं छोड़ सकते।

Teen Baune by Menaka Agarwal in Hindi

by Pankaj Singh  |  in Three Dwarfs at  19:30:00

यह कहानी अन्यंत गरीब परिवार में पैदा हुयी दो बहनों और जंगल में रहने वाले तीन बौनों की है। मालती और सुनैना ने अत्यंत गरीब परिवार में जन्म लिया और दुनिया में बहुत दुःख सहे। कहते हैं जीवन एक प्रवाह है और इसी प्रवाह में बहते हुये एक बार मालती और सुनैना बिछड़ जाते हैं। मालती दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और सुनैना को बौने उठा ले जाते हैं। पूरी कहानी पढ़िये ....

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